श्री अमरनाथ जी धाम – क्या आप भी जाना चाहते है, अमरनाथ की यात्रा पर ?
नमस्कार दोस्तों ,कैसे है आप ?,
आओ जाने बाबा अमरनाथ के बारे में

| अमरनाथ गुफा की कथा भगवन शिव द्वारा माता पारवती को अमरता का रहस्य ( अमरकथा ) सुनाने से जुडी है | ऐसी मान्यता है की इसी गुफा में शिवजी ने पारवती जी को सृष्टि और अमरत्व का ज्ञान दिया था | इस गुप्त स्थान की तलाश में शिवजी ने नदी , चन्द्रमा , सांप और गणेश को अलग – अलग स्थानों पर छोड़ दिया था, जिससे यह स्थान ‘ अमरनाथ ‘ कहलाया और प्रति वर्ष लाखो श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते है |
-: कुछ अनकहे पहलू -: अमरनाथ गुफा का एक और रहस्य है की माता पारवती ने शिवजी से अमर होने की कथा सुनाने का आग्रह किया था | शिवजी उन्हें एक ऐसे एकांत स्थान पर ले जाना चाहते थे जहाँ कोई अन्य प्राणी कथा न सुन सके | जिसकी वजह से भगवन शिव ने हिमालय की इस गुफा को चुना और वहीँ पारवती जी को अमरता का ज्ञान दिया | इसी के साथ कबूतरों का भी रहस्य जुड़ा हुआ है बतलाया जाता है की कथा सुनते समय कबूतरों का एक जोड़ा गुफा में मौजूद था | उन्होंने अमरकथा सुन ली, जिससे वो अमर हो गये | आज भी श्रद्धालु अमरनाथ गुफा में कबूतरों के जोड़े को देखते है, जिसे सुबह माना जाता है | बाबा अमरनाथ की गुफा में हिमलिंग का बड़ा महत्व है, इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग ( हिमलिंग ) बनता है , जिसे हम लोग बाबा बर्फानी भी कहते है | ” जय बाबा बर्फानी की “ इन्ही सब के बीच में बूटा मलिक की कहानी का भी जिक्र किया जाता है की एक मुसलमान चरवाहे, बूटा मलिक, को यह पवित्र गुफा मिली थी, जिसके बाद से यह तीर्थ स्थान के रूप में प्रसिद्ध हुई | |
जैसा की आप लोग उपरोक्त विषय से समझ गए होंगे की हम आज किस विषय पर आपको जानकारी प्रदान करंगे -:
आप लोगो को तो पता ही होगा की अमरनाथ यात्रा हिन्दुओ का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जो जम्मू और कश्मीर में समुद्र तल से लगभग 13000 फुट की उचाई पर स्थित है |
यहाँ प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग जिन्हे हम बाबा बर्फानी भी कहते है, उनके दर्शन के लिये हर शाल लाखो लोग आते है | और अपने जीवन को सफल बनाते है |
आखिर कैसे पहुंचे बाबा अमरनाथ धाम -:
जी हाँ आपको हम सब बताएँगे की कैसे और किस प्रकार से यात्रा करनी है |
यात्रा का समय और मार्ग -:
| मौसम – यह यात्रा आमतौर पर जुलाई से अगस्त ( यानि की सावन के महीने ) के बीच लगभग 44 से 60 दिनों तक चलती है |
मुख्य मार्ग – बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा तक जाने के लिए दो प्रमुख मार्ग है -:
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Instructions For Shri Amarnathji Yatra
Steps to Follow -:
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पंजीकरण और महत्वपूर्ण नियम -:
जी हाँ बाबा अमरनाथ जी के दर्शन करने के लिये आपको पंजीकरण और वहां के कुछ नियम भी जानने चाहिये यात्रा शुरू करने से पहले –
| पंजीकरण प्रक्रिया – बाबा अमरनाथ जी के दर्शन करने जाने से पहले आपको रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, इसके लिये आप श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट https://jksasb.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते है , यदि आप घर बैठे रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते है तो
सिर्फ आपको हमारी वेबसाइट – : hunarsarkariyojana.com के व्हाट्सप्प बटन पर क्लिक करना होगा , और आपके क्लिक करते ही आप हमारे व्हाट्सप्प नंबर से जुड़ जायेंगे और वहां पर आप अपनी जानकारी प्रदान करके योजना का लाभ उठा सकते है | और आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते है, तथा अपनी यात्रा को सफल बना सकते है | मेडिकल सर्टिफिकेट -: बाबा अमरनाथ जी के दर्शन करने जाने से पहले आपको एक मेडिकल सर्टिफिकेट अपने सरकारी अस्पताल से बनवाना होगा तभी आपका रजिस्ट्रेशन हो पायेगा अन्यथा आप यात्रा नहीं कर पायेंगे | आयु सीमा -: 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगो को यात्रा की अनुमति नहीं है | नोट -: यात्रा के दौरान बेस कैंप जैसे की जम्मू या बालटाल पर (RFID) कार्ड लेना अनिवार्य होता है | |

यात्रा से जुडी अहम् जानकारी जिसे आपको जरूर जानना चाहिए -:
कैसे पहुंचे बाबा अमरनाथ जी के दर्शन करने अपने घर से -:
- हवाई मार्ग – श्रीनगर, निकटम हवाई अड्डा विश्वप्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों जैसे – डल झील, नागिन झील, शंकराचार्य मंदिर और शालीमार, निशात और चेष्माशाही जैसे मुग़ल उद्यानों के लिये प्रसिद्ध है | धरती पर स्वर्ग के रूप में जाना जाने वाला और जम्मू – कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के कारण, यह शहर हवाई और सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा है | दिल्ली और जम्मू से श्रीनगर के लिये प्रतिदिन उड़ाने उपलब्ध है |
- सड़क मार्ग से – जम्मू और श्रीनगर सड़क मार्ग से भी जुड़े हुए है, तथा बस उपलब्ध रहती है |
- ट्रैन द्वारा – जम्मू निकटम रेलवे स्टेशन है जम्मू, जम्मू और कश्मीर की शीतकालीन राजधानी है | मंदिरो के शहर के रुप में भी जाना जाने वाला यह शहर रघुनाथ मंदिर, महा देव मंदिर, और अन्य प्राचीन मंदिरो के दर्शन के लिये एक बेहतरीन जगह है | रेलवे स्टेशन अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, और यहाँ से विभिन्न्न शहरों के लिये कई एक्सप्रेस ट्रैन चलती है |
खर्चा -: जी हाँ जाने से पहले खर्चे के बारे में भी जानना बहुत जरुरी है वैसे औसतन प्रति व्यक्ति 5,000 रूपए से 15,000 रूपए तक का ख़र्चा सकता है |
पहनावा – जी हाँ जाने से पहले पहनावा के बारे में भी कुछ चर्चा कर लेते है , जिस प्रकार से वहां ठंड होती है, जिसको देखते हुए पर्याप्त ऊनी कपड़े, रेनकोट और वाटरप्रूफ ट्रैकिंग जूते साथ रखना बहुत जरुरी है |
सुविधाएं – : अब हम बात कर लेते है वह पहुंचने पर हमें क्या -क्या सुविद्याए प्राप्त होंगी, पूरे मार्ग पर श्रधालुओ के लिये भंडारे ( लंगर ) चलते है, जहाँ मुफ्त भोजन और विश्राम की व्यवस्था होती है |
स्वास्थ्य सम्बन्धी अहम् जानकारी -:
| श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा की तीर्थ यात्रा में 14,000 फ़ीट तक की उचाई पर ट्रैकिंग शामिल है |
यात्रिओं को उच्च उचाई रोग (High Altitude sickness) हो सकता है , इसके निम्नलिखित उधारण है – जैसे की भूख न लगना , मतली , उलटी , थकान , चक्कर आना और कई प्रकार की बीमारी हो सकती है | बेसिक दवाये साथ जरूर रखे ताकि आप उनका प्रयोग करके लाभ उठा सके | |
-: Health Advisory :-
Dos for prevention of High Alitude Sickness -:
| 1. Do Prepare for the Ytra by achieving Physical Fitness – it is advisable to start a preparatory Monrning/Evening walk, about 4-5 km per day, at least a month prior to Yatra.
2. Start deep brathing exercise and Yoga, particualrly paranayam fo improving oxygen efficiency of the body. 3. Do check with your physician prior to travelling to higher elevations, if you have any existing pre-existing medical conditions. 4. Do Walk slowly while ascending and take time to acclimatize-relax for a short while on steep inclines. 5. Do avoid exerting beyond your normal capacity. 6. Do take compulsory res at various locations and ensure time logging and take ideal walking time mentioned on th edisplay boards while moving towards next Location. 7. Do check with your physician prior to taking any medications. 8. Do drink lots of water to combat dehydration and headaches-about 5 liters of fluid per day. 9. Do consume plenty of carbohydrates to reduce fatigue and prevent low blood sugar levels. 10. Do bring porable oxygen with you as it is helpful in case you have difficulty in breathing. 11. Do descend immediately to a lower elevation, if you start having altiyude illness symptoms. 12. In case there is any change in the status of your health after having obtained Compulsory Health Certificate some weeks earlier, do consult your doctor before embarking on the pilgrimage. 13. In case of any signs of High Altitude Sickness or any other discomfort, immediately contact the nearest medical facility located at every 2 kms. |
Don’ts for prevention of High Altitude Illness -:
| 1. Don’t ignore the symptoms of high altiude illness.
2. Don’t drink alcohol, caffeinated drink, or smoke. 3. Don’t ascend any further if you have altitude illness. Instead, descend immediately to an elevation where you can acclimatize. 4. Don’t accept everything a sick Yatri says since his/her judgment is impaired. |

-: यह यात्रा आत्मा को पवित्र करने और मोछ प्राप्ति के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है | :-
आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद यहाँ तक आपने हमारे ब्लॉग को पढ़ा अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो कमेंट बॉक्स
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धन्यवाद्


