कंप्यूटर का परिचय Introduction of Computer

कंप्यूटर का परिचय Introduction of Computer

Introduction to Operating System

Word Processing

Spreadsheet

Presentation

Introduction to Internet and WWW

E-mail, Social Networking and e – Governance Service

Digital Financial Tools and Applications

Overview for Future Skills and  Cyber Security

कंप्यूटर का परिचय

Introduction to Computer

–   परिचय Introduction –

कंप्यूटर शब्द की उत्पति लैटिन (Latin) भाषा के कंप्यूट (compute) शब्द से हुई हैं, जिसका अर्थ गणना करना हैं | अन्य शब्दों में,कंप्यूटर ऐसे मशीन हैं , जो गणनाए करने में सहायता करती हैं,   इसीलिए इसे संघनक कहते हैं |

कंप्यूटर क्या हैं (What is Computer):- कंप्यूटर एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस हैं ,जिसमें  डाटा को प्राप्त ,प्रोसेस , संगृहीत अथवा प्रदर्शित करने की क्षमता होती हैं | कंप्यूटर हैवेयर और साफ्टवेयर का एसा संयोजन हैं , जो डाटा को सूचना में परिवर्तित करता हैं |

कंप्यूटर शब्दावली में प्रोयोग होने वाली कुछ टर्म निम्न प्रकार हैं

  1. डाटा यह तथ्यों तथा सूचनाओं का अव्य्वास्तित समूह होता हैं : जैसे – नवम्बर,टैक्स्ट आदि |
  2. सुचना यह डाटा को उपयोग बनाने के लिए इसे व्यस्थित,संगठित तथा संचारित किया जाता हैं,तब प्राप्त डाटा सुचना कहलाते हैं |
  3. निर्देश यह यूजर द्वारा कंप्यूटर लैग्वेज में कंप्यूटर को दिए गए कमांड्स हैं |
  4. प्रोगाम यह निर्देश का समूह होता हैं जो कार्य करने के क्रम में कंप्यूटर को दिए जाते हैं |
  5. प्रोगाम यह निर्देश का समूह होता हैं , जो कार्य करने के क्रम में कंप्यूटर को दिए जाते हैं |

History of Computer

Abacus

अबेकस का आविस्कर लगभग ४००० वर्ष पहले चीनियों ने किया था |

Napier’s Bone

जान नेपियर ने मैन्युअल रूप से संचालित गणन उपकरण नेपियर बोन्स तैयार किया |

Pascaline

पास्कलाईन का आविष्कार१६४२ एक फ्रासीसी गणित और दार्शनिक बायेज पास्कल ने किया था | एसे माना हटा हैं की यह पहला यांत्रिक और कैलकुलेटर हैं | यह एक लड़की का बक्शा था जिसके अन्दर गियर और पाहिए थे |

Difference Engine

1820  के दशक की शुरुआत में, चार्ल्स बैबेज ने डिफ्रेंराईस इंजन बनाया यह एक यांत्रिक कंप्यूटर तह जो बुनियादी गणनाए कर सकता था | अह भाप से चलने वाली गणना मशीन थी जिसकी उपयोग लघुगणक तालिकाओं जैसी सख्यात्मक तालिकाओ को हल करने के लिए किया जाता था |

Analytical Engine

चार्ल्स बैबेस ने 1830 में एक और गणनामशीन, एनालिटिकल इंजन बनाई | यह एक यात्रिक कंप्यूटर था | यह किसी भी गणितीय समस्या जी हल करने और देता अनिश्चित मेमोरी में सगाहित करने में सक्षम था |

एनालितिकल इंजन को प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले ही 1871 में चार्ल्स बबेजकी मृत्युहो जाती हैं उसके बाद उनके दोस्तों की बेटी ऐडा लवलेस ने उस कम को आगे बगाया अदा लवलेस को दुनिया का पहला प्रोग्राम भी कहा जाता हैं |

Tabulating machine  

एक अमेरिका सांख्यिकीविद – हरमन होलेरिथ ने वर्ष 1890मेनिस मशीन का अविष्कार जिया था |  टेबुकेतिंग मशीन एक पंच कार्ड – आधारित यात्रिक तेबुलेट थी |  होलेरिथ ने अपनी कंपनी में इन मशीन को निर्माण शुरू किया, जो अंततः1924 में इतर्नेशनल बिजनेश मशीन (आईबीएम ) बन गई |

IBM Founder –– Herman Hollerith Thomas J. Watson, Georgi Winthrop Fairchild, Charles Ranlett Flint

Atanasoff-Berry Computer (ABC Computer)

The Atanasoff –Berry computer  was the first automatic electronic digital computer Developer : John Vincent Atanasoff With help of Clifford Berry in 1945

ENIAC (Electronic Numerical Integrator And Computer)

Developer: John Mauchly and J.presper Eckert

UNIVAC (Universal Automatic Compute )

The UNIAC I was the fist general – purpose electronic digital computer design for business application produced in the United Stater

John Mauchly and J.Presper Ecket in 1948

पीडिया / कंप्यूटर का विकार (Generations / Evolution of computer ) आधुनिक कंप्यूटर के विकास के इतिहास को तकनीक विकास के अनुसार ,निम्न भागों में Divide kiya  गया हैं,जिन्हें पीडिया कहा जाता हैं |

Generation of computer Time – period Evolving Hardware Language
First 1940s–1950s Vacuum Tube Machine Language (o’sऔर 1’s)
Second 1950s–60 Transistor Assembly language
Third 1960–70 Integrated Circuit High level language
Fourth 1970s–present Microprocessoce ———
Fifth Present – Future Artificial Intelligence ———-
  • Vacuum Tube Founder – John Ambrose Fleming
  • Transistor Founder – William Shockley, John Bardeen and Walter Brattain
  • IC Founder – Robert Noyce
  • Microprocessor Founder – Ted Hoff at Intle (Intel’s 4004)
  • AI Founder – John McCarthy

कंप्यूटरों को उनकी रुपरेखा, कामकाज, उद्देश्यों इत्यादि के आधारों पर विभिन्न वर्गों में विभाजित किया जा सकता हैं, जिनका संक्षिप्त विवरण निम्नवत हैं

  1. आकार के आधार पर
  2. कार्य के आधार पर
  3. उद्देश्य के आधार पर

आकार के आधार पर

आकर के आधार पर कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं, जिनका संक्षिप्तविवरण निम्नवत हैं|

(Classification of Computer)

कंप्यूटर के आधार पर कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं, जिनका संक्षिप्त विवरण निम्नवत हैं

1.माईक्रोकंप्यूटर ( Micro Computer )

ये कंप्यूटर इतने छोटे होते हैं की इन्हें डेस्क पर सर्ल्तापुर्र्वक रखा जा सकता हैं |

माइक्रो कंप्यूटर निम्न प्रकार के होते हैं

  • डेस्कटप कंप्यूटर (Desktop Computer ):- यह पर्सनल कंप्यूटर (pc) अ सबसे अधिक उपयोंग होने वाला रूप हैं | वर्तमान समय में pcs को छोटा करके और पामटापका आकार दे दिया हैं, फिर भी अधिकांश घरो और व्यापारिक स्थानों पर डेस्कटॉप प्रयोग किए जाते हैं, क्युकी ये सस्ते मजबूत और ज्यादा चलने वाले होते हैं |
  • लैपटाप :- पिछले वर्षों में हुए तकनीक विकास ने माइक्रो कंप्यूटर का आकार इतना सूक्ष्म कर दिया हैं की उन्हें सरकतापूर्वक इधर –उधर ले जाया जा सकता और साधारण व्यकी भी इनको खरीदकर उपयोग में ला सकता हैं | एसे कंप्यूटर को लैपटाप कहा जाता हैं | लैपटाप को कभी कभी नोटबुक भी कहा जाता हैं |
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer)

ये कंप्यूटर आकार में अत्यधिक बड़े होते हैं|ये कंप्यूटर कार्यक्षमता और कीमत में भी मिनी तथा माइक्रो कंप्यूटर स्व अधिक होते हैं | अधिक कम्पनियो में मेनफ्रेम कंप्यूटर जा उपयोग भुगतनी का ब्यौरा रखते, बिलों को भेजने, कर्मचारियों का भुगतान करने उपभोक्ताओ द्वारा खरीद वस्त्रों का व्योरा रखने इत्यादि कार्यों मे किया जाता ;जैसे –––

4.सुपर कंप्यूटर (Supercomputer)

सुपर कंप्यूटर का मुख्य उपयोगमौसम की भविष्यवाणी करने, एनिमेशन का निर्माण करने, अन्तरिक्ष यात्रा के लिए अन्तरिक्षयात्रियों जो अंतरिक्ष में भेजने, बड़े वैघ्यानिक और शोध प्रोगशालाओं में शोध व खोज करने इत्यादि कार्यो में किया जाता हैं :जैसे –

5.पामटाप (Palmtop):-यह लैपटाप की तरह पोर्टेबल पर्सनल कंप्यूटर हैं | यह लैपटाप से भी हल्का और छोटी होते हैं | यह इस तरह डिज़ाइन किया गया हैं की इसे हाथ में रखकर आसानी से प्रोयोग किया जा सकता हैं | इसलिए इसे पामटाप य पर्सनल डिजाईन असिस्टेंट(PDA) कहा जाता हैं |

6.वर्कस्टेशन (Workstation):- यहाँ कंप्यूटर आभियात्रिक, तकनीक और ग्राफिक के कार्यों के साथ- साथ अकल व्यवहार में भी प्रयोग होता हैं |

२.मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)

माध्यम आकार के इन कंप्यूटर की कार्यक्षमता तथा कीमती दोनों ही माइक्रो कंप्यूट की तुलना में अधिक होती हैं |इस प्रकार के कंप्यूटर पर एक य एक सा आशिक व्यक्ति अज समय में एक से अधिक कार्य कर सकता हैं हैं | इनके उपयोग प्रायःछोटी य माध्यम स्तरकी कंपनीयां करती हैं |ये सकेण्ड कंप्यूटर की तहत प्रयोग होते हैं, जिसे सर्वर कहा जाता हैं | जैसे –– Hp 9000,RISC 6000,BULL HN -DPX2 और AS 400 आदि  |

  • CDC6600 को पहले सुपर कंप्यूटर माना जाता हैं| इसे समुर के द्वारा डिजाईन किया गया था |

सीडीसी ६६००के बाद समेर क्रे ने सबसे लोकप्रिय क्रे – १ सुपरकंप्यूटर विकसित किया |

  • भारत द्वारा निर्मित प्रथम सुपर कंप्यूटर का परम (param8000)हैं, इसका विकास C-DAC ने पुणे में किया हैं |

कार्य के आधार पर (on the Basis of Word)

कार्य के आधार पर कंप्यूटर पर तीन प्रकार के होते हैं, जिनका सक्षिप विवरण निम्नवत हैं

1.एनालाग कंप्यूटर (Analog Computer):– भौतिक मात्राओं; जैसे – सवब तापमान लम्बाई, पाई इत्यादि को मापक उनके परिणामको अंकों में प्रस्तुत करने के लिए एनालाग कंप्यूटर का उपयोग किया जाता घज्जता हैं, क्युकी ए कंप्यूटर मात्राओं को अंकों में प्रस्तुत करते हैं , इसलिए इनका उपयोग विज्ञान और इंजिनियर क्षेत्रों में स्धिक किया जाता हैं ; जैसे स्पीडोमीटर, भूकंप – सुचना यन्त्र आदि |

२. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer )

जिनमे एनालाम तथा डिजिटल दोनों ही कंप्यूटर के गुण सम्मिलित हो | इसके द्वारा भोतिक मात्राओं को अंकों में परिवर्तित करके इसे डिजिटल रप में ले आते हैं |चिकित्सा के क्षेत्र में इसका सर्वाधिक उपयोग होता हैं; जैसे ––ECDऔर DIALSIS मशीन |

 

 

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