| साफ्टवेयर(Software)
साफ्टवेयर, प्रोग्रमिक भाषा में लिखे गए निर्देश अर्थात प्रोग्रामों की वह श्रंखला हैं , जो कंप्यूटर सिस्टम के कार्यों को नियंत्रित करता है तथा कंप्यूटर के बिभिन हार्डवेयर के बीच संन्य स्थापित करता हैं , जिससे किसी विशेष कार्य क पोर किया | प्राथमिक उदेदेश्य डाटा को सुचना में परिवर्तित करना करना हैं | साफ्टवेयर के निर्देशों के अनुशार ही हार्डवेर कार्य करता है | इसे प्रोगामों का समूह भी कहते हैं |
सिस्टम साफ्टवेयर System Software :–
ये साफ्टवेयर कंप्यूटर के हार्डवेयर को नियंत्रित करने, उसके विभिन्न भागों की देखभाल करने तथा उसके सभी क्षमताओं का अच्छे से उपयोंग करने लिए बनाये जाते हैं, कंप्यूटर से हमारा संपर्क या संवाद सिस्टम साफ्टवेयर के माध्यम से ही पाता हैं|
सिस्टम साफ्टवेयर के उदाहरणनिम्न हैं
- आपरेटिग सिस्टम (Operating System ):- इसमें वे प्रोग्राम शामिल होते हैं, जो कंप्यूटर के विभिन्न अवयवों के कार्यों को नियंत्रित करते हैं उनमें समन्वय स्थापित करते हैं तथा उन्हें प्रबंधित करते हैं | इसका प्रमुख कार्य उपयोंग कर्ता तथा कम्पुटर हार्डवेयार के मध्य एक इंटरफेस स्थापित करना हैं | आपरेटिंग सिस्टम कुछ विशेषप्रोग्रामों का एसा व्यवस्थित समूह हैं , जो किसी कंप्यूटर के सम्पूर्ण क्रियाकलापों को नियत्रित करता हैं | आपरेटिग सिस्टम आवश्यक होने पर अन्य प्रोग्रामों को रन उपयोगकर्ता को नियत्रित करता हैं | विशेष सेवाए देने वाले प्रोग्राम का मशीन भाषा में अनुवाद करता हैं |और विंडोज xp/2000/98.यूनिक्स,लायिक्स इत्यादि आपरेटिंग सिस्टम के कुछ उदहारण हैं |
- डिवाइस ड्राइवर (Device Driver):– येछोटे तथा विशेष उदेश्य वाले साफ्टवेयर होते हैं ,जो किसी डिवाइस के प्रचालन को समझते हैं | ये साफ्टवेयर किसी डिवाइस तथा उपयोग कर्ता के मध्य इंटरफेस का कार्य करता हैं | किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलानेके लिए चाहे वो एप्लीकेशन साफ्टवेयर उन प्रोग्राम को कहा जाता हैं, जो हमारा वास्तविक कार्य करने के लिए बनाये जाते हैं : जैसे –––– कार्यालय के कर्मचारियों के चेतन की गणना लर्न, सभी लेन दें तथा खातोंका हिसाब – किताब रखना विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट प्रिंट लर्न, स्टाक की विवरण देना, पत्र – डाक्यूमेंट तैयार करना इत्यादि| हालाकिं आजकल एसे प्रोग्राम सामान्य तौर पर सबके लिए एक जैसे लिखित हुए भी आते हैं ,जिन्हें रेडीमेड साफ्टवेयरय पॅकेज कहा जाता हैं ;जैसे एमएस वार्ड एमएक्सल,टैली, कोरल, द्र ,पेजमेकर ,फोतोशाफ आदि |
सामान्य : एप्लीकेशन साफ्टवेयर दो प्रकार ले होते हैं |
- सामान्य उददेशीय साफ्टवेयर (General purpose.Software )
प्रोग्रामों का वह समूह ,जिन्हें उपयोगकर्ता अपने आवश्यकतानुसार अपने सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए उपयोग में लेते हैं, सामान्य उददेस्य साफ्टवेयर कहलाते सामान्य रूप से उपयोग किए हने वाके सामान्य उददेशीय
- वर्ड प्रोसेसिग साफ्टवेयर(Word Processing
- इलेक्ट्रोनिक स्प्रेशिट्स (Electronic Spreadsheets )
- प्रेजेंटेशन साफ्टवेयर(presentation software )
- डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम(software)Management System )
- साफ्टवेयर किसी उदेदश्य की पूर्ति हेतु बनाए जाते हैं | इस प्रकार के साफ्टवेयर का अधिकांशत: केवल एक उददेस्य होता हैं | सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले कुछ विशिष्ट उद्देशीय साफ्टवेयर का निम्न हैं |
- इन्वेंटी मेजरमेन्ट सिस्टम एण्ड परचेंज सिस्टम
- पेरोल मैनजमेंट सिस्टम
गूगल ग्लास (Google Glass):– यह एक पहनने योग्य कम्प्यूटिंग डिवाइस हैं, जो चश्मे के रूप के रूप में हेड माउन्टेड डिस्प्ले के साथ आता हैं गूगल ग्लास Hands free स्मार्ट फोन के रूप में कार्य करता हैं |जिससे उपयोग कर्ता मोबाईल इंटरनेट ब्राउजर, कैमरे, मैप्स, कैमरा, कैलेण्डर और अन्य एप्स को व्यास कमांड द्वारा एक्सेस कर सकता हैं | यह एंड्रयड मोबाईल आपरेटिंग सिस्टम द्वारा संचालित हैं और एनद्रयद संचालित मोबाईल डिवाइस और एप्पल i0s,दोनों के साथ अनुकल हैं |
ड्रोन कैमरा (Drone Camera ):– सामान्य ड्रोन एक छोटे मानवरहित विमान के लिए प्रयुक्त किया जाता है | वर्तमान में ड्रोन कैमरा काफी प्रचलन में हैं | अहहल्के मिश्रित पदार्थ से बना होता हैं जिससे हवा में आसानी से उड़ सके | इसे रिमोट की सहायता से कंट्रोल किया जाता हैं| ड्रोन केअर के माध्यम से real-time image उपलब्द कराताहैं | कैमरा के साथ –साथ इसमें जी पी एस. नेविगेशन सिस्ट, सेन्सर आदि उपकरण भी लगे होते हैं | ओपन सोर्स साफ्टवेयर एसे साफ्टवेयर को कहा जाता हैं, जिनका सोर्स कोर्ड को मादिफई कर कोई भी न्यूजर इनको डवलेप करने में सहायता कर सकता हैं | इन साफ्टवेयर के डेवलपर या निर्माणकर्ता एक लाइसेन्स के साथ इन्हें सार्वजनिक रूप से प्रयोग करने व मादिफई करने का अधिकार यूजर्स को प्रदा करते हैं| सोर्स कोड किस साफ्टवेयर का वह भाग होता हिना जो यूजर्स नहीं दिखाई देता |इस कार्ड को कंप्यूटर प्रोग्राम साफ्टवेयर में कुछ परिवर्तन के लिए प्रयोग कर सकते है | उदहारण – लाईक्स, यूनिक्स ,MySQL,आदि |
प्रोपराइटरी साफ्टवेयर(Proprietary Software)
यह एक ऐसे साफ्टवेयर हैं, जो किसी व्यक्ति या कंपनी से स्वमित्व में होता हैं | प्रोपराइटरी साफ्टवेयर को क्लोज्ड सोर्स साफ्टवेयर के नाम से भी जाना जाता हैं इसका सोर्स कोड हमेशा गुप्त रखा जाता हैं | प्रोपराइटरी साफ्टवेयर कापीराइट साफ्टवेयरहोता हैं | इसमें यूजर द्वारा पुनर्वितरित या मदिफई नहीं किया जा सकता हैं | यह साफ्टवेयरएक विशिष्ट हार्डवेयर प्लेटफार्म या आपरेटिंग साफ्टवेयरपर कार्य करने के लिए डिवाइस किया गया साफ्टवेयर हैं |
आईटी हैजेट्स और उनके अनुप्रयोग
(IT Gadgets and their Applications)
गैजेट एक ऐसे डिवाइस हैं, जिसका एक कार्य /उपयोग होता हैं | गैजेट को आमतौर पर उनके आविष्कार के समय सामान्य तकनिकी वस्तुओ की तुलना में आधिक तकनिकी रूप से डिवाइस किया गया हैं | ये हमेशा नई तकनीकों के अनुरूप होते हैं | कुछ आईटी गैजेट निम्न प्रकार हैं |
- टैबलेट ( Tablet):- टेबलेट एक वायरलैस टाच स्क्रीन पसर्नल कंप्यूटर (pc) हैं , जो नोटबुक से छोटे लेकिन स्मार्ट फबदन होता हैं | पहले टैबलेट इनपुट के लिए कीबोर्ड या स्टाइलस का उपयोग किया जाता हैं | था, लेकिन अब अधिक टैबलेट डाटा य सूचनाओं को इनपुट करने के लिए टाच स्क्रीन का उपयोग किया जाट हैं | सामान्य : अब टैबलेट मल्टीटाच इन्पुफ़ का सपोट करते हैं , जो अगुलियां के साथ संकेत प्रदान
- स्मार्ट फिटनेस बैण्ड (Smart Band) स्मार्ट फि बैण्ड को स्मार्ट ब्रेसलेट ( Smart bracelet) या कनेक्टे बेस्लेट बी कहा जाता हैं | इसके मुख्या कार्य गतिविधियों को ट्रेक और विश्लेषण | करना है | यह डिवाइस है | जिसे स्मार्टफोन भी आप्टिकल हार्ट रेट सेन्सर
- स्मार्ट वाच (Smart Watch) स्मार्ट वाच पहनने योग्य कंप्यूटर डिवाइस हैं,जो एक कलाई घड़ी डिजिटल मिडिया जैसे आडियों टैक,ब्लूटूथ हैडफोन, कलिंग आदि को नियंत्रिक कियजा सकता हैं | स्मार्ट वाच को इंटरनेट से कनेक्ट करने के पश्चात सन्देश भेजे प्राप्त किए जा सकते हैं , जीपीएस , कम्पस आदि का भी प्रयोग किय अज सकता हैं | आजकल उपलब्द स्मार्ट वाच में सोनी स्मार्ट वाच, सैमसंग गौलेक्सी गियर, नैकेफिल और पेबल वाच शामिल हैं| प्रिंट, माउस, मानीटर य किबोर्ड ही हो ,उसके साथ एक प्रोग्राम जुदाई जुडा हैं | डिवाइस ड्राइवर्स निर्देशों का ऐसा समूह होता हैं , जो हमारा कम्प्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हर्वेयर से करवाते हैं |
- भाषा अनुवादक ( Language Translator ):– ये ऐसे प्रोग्राम है, जो विभन्न प्रोग्रमिक भाषाओं में लिखे गए प्रोग्राम का अनुवाद कंप्यूटर की मशीन भाषा में करते हैं | यह अनुवाद करना इसलिए आवश्यक होता हैं , क्युकी कम्पुटर केवल अपनी मशीन भाषा में लिखे हुए प्रोग्राम का ही पालन कर सकता है | भाषा अनुवादकों को मुख्यतः तीन श्रेणीयों में बता जाता हैं|
- असेम्बलर (Assrmbler) यह एक ऐसा प्रोग्राम होता हैं ,जो असेम्बकी भाषा में लिखे हाय किसी प्रोग्राम को पड़ता हैं और उसका अनुवाद मशीन में कर देता हैं | अनुवाद करने करता हैं प्रोग्राम प्राप्त होता हैं , उसे आब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता हैं
- कम्पाइलस (compiler):– यह एक ऐसे प्रोग्राम होता हैं ,जो किसी प्रोग्राम द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखित हायर शोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता हैं | कम्पाइलस प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके,उसे मशीन भाषा के निर्देशों में बदल देता हैं प्रत्येक उच्च स्तरीय भाषा के लिए एक अलग कम्पाइलर की आवश्यकता होता हैं |
- इन्टरप्रेटर ( Intereter):– यह किसी प्रोग्राम द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे हाय सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीन भाषा में करता हैं . परन्तु यह एक बार में सोर्श प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीन भाषा में अनुवाद करता हैं और उनका पालन करता हैं

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