क्या आप जानते हैं की वाहनों की नंबर प्लेटो का रंग अलग – अलग क्यों होता हैं ?
नमस्कार दोस्तों कैसे हैं, आप लोग आशा हैं, की आप ठीक ही होंगे साथ में स्वस्थ भी होंगे |
तो आज हम लाये हैं आप के लिए बेहतरीन जानकारी जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जायेंगें की
वाहनों की नंबर प्लेटों का रंग
अलग – अलग क्यों होता हैं |
आपने यात्रा के दौरान खास तौर पर सड़कों पर जब आप कार, बाइक या अन्य वाहनों पर यात्रा करते होंगे तब आप देखते होंगे की वाहनों
पर लगी नंबर प्लेटों का रंग अलग – अलग क्यों हैं | तो आज हम नंबर प्लेटों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं |
प्लेटों के प्रकार
नंबर प्लेट जैसे की आपको बताना चाहुंगी की भारत में वाहनों की नंबर प्लेट (Vehiche Registration Plet ) सुरक्षा और पहचान के लिए महत्वपूर्ण हैं |
यह अल्फान्यूमेरिक ( अक्षरों और अंकों ) कोड़ में होती हैं , जो राज्य , जिले और वाहनों की श्रेणी को दर्शाती हैं |
इसीलिए यह किसी भी गाड़ी की आधिकारिक पहचान होती हैं, जो भारत में सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता हैं |
मंत्रालय द्वारा जारी की नंबर प्लेट का नंबर प्लेट का फार्मेट –
Example : DLO/AB 1234
( 1 ) राज्य का कोड
पहले दो अक्षर राज्य ( केंद्रशासित प्रदेश ) की पहचान बताते हैं | जैसे UP- उत्तर प्रदेश दिल्ली
( 2 ) जिले का कोड़
अगले दो अंक उस जिले या क्षेत्रीय ( R+0) कार्यालय को बताते हैं | जहा गाड़ी पंजीकृत हैं |
( 3 ) सीरीज
इसके बाद के अक्षर ( जैसे AA,AB) वाहन की सीरीज को बताते हैं |
( 4 ) यूनिक नंबर
अंत में चार अंको का एक विशिष्ट नंबर होता हैं |
नंबर प्लेट के रंग और उनके मतलब
भारत में अलग – अलग वाहनों और उनके उओयोग के आधार पर प्लेट का रंग बदलता हैं |

सफेद ( white ) निजी वाहन ( Personal/private) इन वाहनों में सफेद प्लेट लगायी जाती हैं |

पीली ( Yellow) इस रंग की प्लेट कमर्शियल वाहन जैसे टैक्सी , ऑटो , ट्रक इनमे लगायी जाती हैं |

हरी ( Green ) इस रंग की प्लेट उन वाहनों में लगायी जाती हैं | जो वाहन इलेक्ट्रिक से चलते हैं और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुँचातें हैं |

काली ( Black ) वाहनों में इन रंग की प्लेट का प्रयोग किराये पर चलने वाली गाड़ियों ( self drive ) यानि की किरणे पर बिना ड्राइवर के चलने वाली होती हैं |
अर्थात आपको यदि कोई स्कूटी , कार ,kiraye पर चाहिए और खुद छनि हो यानि वाहन तो किराये का होगा परन्तु उसे उसे चलाएँगें आप जैसा की आप आपने पहाड़ों
पर देखा ही होगा की लोग लिराये पर ट्रेवल एजेंसियों या रेंटल कंपनियों से ले लेते हैं | और यात्रा करके वापस कर देते हैं तो इन्ही वाहनों में काली प्लेट लगी होती हैं |
इसमें काली पृष्ठ भूमि ( Bank graund ) और पीले रंग से नंबर लिखे होते हैं | इस रंग की प्लेटों वाले वाहनों को कमर्शियल उपयोग के लिए पंजीकृत किया जाता हैं ,
लेकिन इन्हें चलाने के लिए किसी भी विशेष कमर्शियल लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती बल्कि एक सामान्य प्राइवेट ड्राइविंग लाइसेंस ही पर्याप्त होता हैं |

लाल (Red)
वाहनों में लाल रंग की नंबर प्लेट जैसा कि आपको पता होगा कि भारत में लाल रंग कि नंबर प्लेट का उपयोग मुख रूप दो विशेष श्रेणियों
के वाहनों के लिए किया जाता हैं |
( 1 ) अस्थायी ( Temporary )
रजिस्ट्रेशन वाली नई गाड़ियाँ आपको बताना चाहूंगी कि यदि लाल पर सफेद या काले रंग से नंबर लिखा हैं , तो इसका मतलब हैं कि गाड़ी बिल्कुल नई हैं |
इसी के साथ यह भी जान लेते हैं कि इसका नियम क्या हैं |
नियम (Rule)
डीलर द्वारा दी गई यह नंबर प्लेट 30 दिनों तक वैध होती हैं | इस अवधि के भीतर आपको आरटीओ ( RTO)
से स्थायी नंबर ( Permanent Ragistration Number ) प्राप्त करना अनिवार्य हैं |
(२) भारत सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारी
दोस्तों जैसा ऊपर आपने समझा कि लाल रंग कि प्लेट दो प्रकार से निर्धारित होती हैं , पहली तो नए वाहन की, और दूसरी भारत सरकार के द्वारा
जैसे भारत के राष्ट्रीय और विभिन्न राज्यों के राज्यपालों के अधिकारीयों वाहनों पर लाल रंग कि नंबर प्लेटें होती हैं |
और साथ में इसका नियम भी जानते हैं |
नियम Rule
इन गाड़ियों पर कोई पंजीकरण नंबर नहीं होता है बल्कि नंबर प्लेट के बीच में भारत का राष्ट्रीय प्रतीक ( अशोक स्तंभ ) सोने कि परत में बना होता हैं |
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट ( HSRP )
जैसे की उपरोक्त प्लेटों के रंग से आप समझ गए होंगें की कौन सा रंग किस प्लेट पर किस कारन से होता हैं |
यहाँ हम आपको यहाँ वर्तमान में जो जारी की गई हसरप यानि की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट जिसको सुरक्षा की नजर से डिजाइन की गई
होलो ग्राम युक्त ( अशोक चक्र के साथ ) एलुमिनियम प्लेट है |
इसमें IND शुरुआत में लिखा होगा जो यह भारत का अंतर्राष्ट्रीय कोड हैं |
लेजर कोड
प्लेट पर एक विशिष्ट लेजर – नक्काशीदार सीरियक नंबर होता हैं |
SNAP लाँक
प्लेटो को वन – टाइम SNAP से कसा जाता हैं, जिससे इन्हें बदलना या चुराना मुश्किल हो जाता हैं |
नोट – यदि आप घर बैठे online के माध्यम से HSRP नंबर प्लेट बुक करना चाहते हैं, तो आप हमारी website या BLOG के
बाएं तरफ दिए Whatsapp menu पर क्लीक करके हमसे direct जुड़ सकते हैं |
और हम आपको पूरी सहायता प्रदान करेंगे |
BH भारत सीरीज प्लेट
ऐसे लोग जिनकी नौकरी अक्सर दूसरे राज्यों में ट्रांसफर होती रहती हैं ,
वो लोग सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पोर्टल ( Vahan portal ) के जरिये अपने लिए BH सीरीज का नंबर प्राप्त कर सकते हैं |
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट HSRP न होने पर या गलत नंबर प्लेट lagane पर जुर्माना
भारत में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट HSRP न होने पर या गलत प्लेट लगाने पर याता यात पुलिस द्वारा 5000 से लेकर 10,000 तक का भारी चालान काटा जा सकता हैं |
नोट – यदि आपने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट HSRP के लिए आवेदन कर दिया हैं, और आपके पास आवेदन की रसीद हैं ,
तो आमतौर पर चेंकिंग के दौरान पुलिस को रसीद दिखाने पर चालान नहीं करती हैं |
आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद यहाँ तक आपने हमारे ब्लॉग को पढ़ा अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो कमेंट बॉक्स
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