संचार और सूचना प्रौद्योगिकीय से सम्बंधित अहम् जानकारी

                      -: संचार और सूचना प्रौद्योगिकीय -:

नमस्कार दोस्तों ,कैसे है आप ?,

“संचार और सूचना प्रौद्योगिकीय से सम्बंधित अहम् जानकारी “

जैसा की आप लोग उपरोक्त विषय से समझ गए  होंगे की हम आज किस विषय पर आपको जानकारी प्रदान करंगे -:

संचार और सूचना प्रोधोगिकी का संचालन इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रोधोगिकी मंत्रालय एवं संचालन मंत्रालय करता हैं |

इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रोधोगिकी मंत्रालय का मिशन हैं , ई- गवर्नेस  एवं इलेक्ट्रानिकी के सतत विकास को बढ़ावा देना |

साथ ही , सूचना  सूचना प्रोधोगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी उधोगों का विस्तार और देश में इंटरनेट गवर्नेस को प्रोत्साहन  देता हैं |

वहीँ संचार मंत्रालय का काम डाक एवं दूरसंचार विभाग की देखरेख करना हैं | इन विभागों की विशेषताएं, गतिविधियां  और

वेबसाइट  : www.meity.gov.in,www.indiapost.gov.in

 डाक POST

    डाक  –   भारत में वर्ष 1766 में सबसे अधिक पसंदीदा आधुनिक डाक प्रणाली का प्रारम्भ लार्ड क्लाइव ने किया था और इसे 1774 में वारेन हेस्टिंग्स ने आगे बढ़ाया |

डाक नेटवर्क का विस्तार 1786 से 1793 के दौरान हुआ | वर्ष 1837 के एक अधिनियम के माध्यम से पहली बार डाकघरों  को नियमन व्यवस्था के अंतर्गत

लाया गया ताकि तत्कालीन तीन परेशिडेंशियों के सभी डाकघरों को अखिल  भारतीय सेवा के दायरे में लाया जा सके | इसके बाद, 1854 के अधिनियम से

संशोधन के साथ संपूर्ण डाक व्यवस्था का स्वरूप बदल गया और 1 अक्टूबर, 1854 से भारत डाकघर वर्तमान प्रशासनिक तरीके से चलाये जाने लगें  |

देश में पहला डाकघर टिकट उसी समय  जारी किया गया था जो पुरे देश में मान्य था | डाक   टिकटों की डरे काम और समान रखी गई | डाक दर दुरी

के हिसाब  से न होकर भेजे  जाने वाले पत्र अथवा पैकेट के वजह से तय की गई | आमजन पहली बार एक सुविधा का उपयोग का सके जिसके तहत उन्हें

दरवाजे तक पत्र  मिलने लगे | पहले इस तरह की सुविधा केवल राष्ट्राध्यक्षों और  सरकारी अधिकरियों को ही मिलती थी | तब से डाक ने देश में सभी के

जीवन को प्रभावित किया हैं | यद्यपि ब्रिटिश शासन ने साम्राज्यवादी  हितों के लिए डाकघरों की स्थापना की, लेकिन डाकघरों की स्थापना की, लेकिन डाकघर,

रेल  और टेलीग्राफ के साथ समाजिक विकास का महत्वपूर्ण इंजन बन गया |

वर्तमान में पोस्ट आफिस  एक्ट, 1898  द्वारा भारतीय डाक सेवाओं का नियंत्रण किया जाता हैं | उनीसवीं सदी के मध्य में डाकघर, डाक  बंगलों और डाक सरायों

की देखभाल  करके यात्रा को भी सुगम और सहज बनाते थे | मेल आर्डर सेवा 1877  मूल्य देय प्रणाली शुरू होने के साथ प्रारम्भ हुई जबकि 1880 से मनीआर्डर

सेवा के मध्यम से दरवाजे पर धनराशि प्राप्त करना संभव हुआ |1882 में डाकघर बचत बैंक प्रारम्भ होने साथ बैंकिग सुविधा सभी लोगों एक पहुंची और

1884 तक सभी सरकारी कर्मियों को डाक जीवन बिमा के अंतर्गत लाया गया | डाक संचार सुविधा प्रदान करने के अतिरिक्त डाकघर नेटवर्क 19 वीं सदी

के उत्तरार्ध्य से धन का हस्तातंरण,  बैकिंग और बिमा सेवा भी दे रहा हैं |

 

संगठन का संक्षिप्त विवरण 

   डाक विभाग संचार एवं सूचना प्रोधोगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आता हैं | विभाग का शीर्ष प्रबंधन निकाय डाक सेवा बोर्ड हैं  |

बोर्ड एम् एक  अध्यक्ष एवं  छह सदस्य हैं| बोर्ड  के छह सदस्य कार्मिक, डाक प्रचलन, प्रोधोगिकी, डाक जीवन बिमा , बैंकिग

और मानव संशाधन विकाश और नियोजन के िभागों का कार्य देखते हैं | संयुक्त  सचिव एवं वित्तीय  सलाहकार  बोर्ड की बैठकों में

विभाग के महानिदेशक और उप – महानिदेशक भी शामिल होते हैं |

 

वित्तीय सेवाएं  

वित्तीय सेवाएं –    डाक विभाग भारत  सरकार के वित्ति मंत्रालय की और से लघु बचत योजना चलाताhai जो इन योजनाओं स्व सम्बंधित  ढांचागत और नियामकों में फेर –  बदल करता हैं और डाक विभाग को पारिश्रमिक भुगतान करता हैं | डाकघर बचत बैंक ( पीओएसबी  ) में कई करोड़ खाताधारक हैं   |  बचत  बैंक सुविधा 1.56 लाख  डाकघरों के नेटवर्क के मध्यम से प्रदान की जाती हैं | डाकघर बचत बाइक बचत कहते, रिकरिंग डिपजीत  (  आरडी ), टाइम  डिपाजिट ( टीडी  ), मासिक  आय योजन   ( ऍडाक विभाग भारत  सरकार के वित्ति मंत्रालय की और से लघु बचत योजना चलाताhai जो इन योजनाओं स्व सम्बंधित  ढांचागत और नियामकों में फेर –  बदल करता हैं और डाक विभाग को पारिश्रमिक भुगतान करता हैं | डाकघर बचत बैंक ( पीओएसबी  ) में कई करोड़ खाताधारक हैं   |  बचत  बैंक सुविधा 1.56 लाख  डाकघरों के नेटवर्क के मध्यम से प्रदान की जाती हैं | डाकघर बचत बाइक बचत कहते, रिकरिंग डिपजीत  (आरडी ), टाइम  डिपाजिट ( टीडी  ), मासिक  आय योजन   ( ऍमआईएस) पब्लिक प्रविडेंट फंड  पीपी एफ )  राष्ट्रीय बचत प्रमाण –  पत्र , किसान- विकास – पत्र  ( केवीपी ), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और सुकन्या समृद्धिं खता जैसी योजनाए चलाते हैं |

 

म्युचुअल फंड्स बिक्री    

 

डाकघर देश में पूजीं बाजार की पहुंच को बढ़ाने तथा सामान्य जान को बाजार आधारित निवेश विकल्प उपलब्ध करने में  महत्वपुर्ण भूमिका  निभा रहा हैं |

वर्त्तमान में 2,000 से अधिक डाकघरों के मध्यम से यूनिट ट्रस्ट आफ इण्डिया के विभिन्न म्युचुअल फंड

उत्पादों की रिटेलिंग की जा रही हैं |


अंतर्राष्ट्रीय धन हस्तातंरण सेवा 

                                                                   अंतर्राष्ट्रीय धन हस्तांतरण सेवा विदेशों
  से व्यक्तिगत तौर पर भारत धन भेजने का त्वरित और सहज तरीका हैं | वेस्टर्न यूनियन जैसी अत्यधुनिकधन स्थानांतरण वित्तीय सेवाओं के डाकघरों तथा  भारत सरकार के साथ सहयोग  के  माधयम  से 195देशों से भारत में किसी व्यक्ति को भेजे जाने वाले धन शीघ्र और सहज तरीके से मिल जाता हैं |

 

राष्ट्रीय पेंशन योजना 

2009 में सरकार ने नागरिकों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना की शुरुआत की थी जिसने नवीन  पेंशन योजना कहा  जाता था | डाक विभाग  राष्ट्रीय पेंशन योजना

( एनपीएस ) का पॉइंट आँफ प्रेंजेंश ( पीओपी) हैं |

18- 55 वर्ष  आयुवर्ग का कोई   भी भारतीय नागरिक पेंशन योजना का लाभ ले  सकता  हैं और 60 वर्ष की आयु   

तक द्वारा भुगतानकर्ता की प्राथमिकता के मुताबिक

उसकी पसंद की योजना  में किया जाता हैं | 

 

जन सुरक्षा योजनाएं   

जन सुरक्षा योजनाएं तथा प्रधामंत्री  सुरक्षा  बिमा योजना (piam ) ऐवा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ( पीएम जेजेबीवाई) सभी सीबीएस डाकघरों में 2015se लांच की है थी |

ये योजनाएं डाकघर के सभी बसाहट ख़तधारों के लिए उपलब्ध हैं |dak विभाग ने पीएमएसबीवाई और पीएमजेजेबीवाई के लिए नेशनल इश्योंरेंस कंपनी( एनआईसी ) और जीवन

बीमा निगम( एलआईसी)  के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे | 2015 सीबीएस मुख्या डाकघर में  अटल पेंशन  योजना  ( एपीवाई) भी लांच की गई थी |

 

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