Home Guards होम गार्ड “एक बहादुर सिपाही”

Home Guards होम गार्ड “एक बहादुर सिपाही”

नमस्कार दोस्तों , कैसे है आप ?,

जैसा की आप लोग उपरोक्त विषय से समझ गए  होंगे की हम आज किस विषय पर आपको जानकारी प्रदान करंगे -:

हा, तो आज हम एक होम गार्ड्स के बारे में आपको कुछ अहम् जानकारी प्रदान करेंगे जिसके बारे आपको सायद मुख्य पहलु न पता न हो

जैसे की एक होमगार्ड रात- दिन कम वेतन पाने के बावजूद भी अपनी ड्यूटी बड़ी मेहनत और लगन से करता है, हम उसी के बारे में आपको जानकारी प्रदान करने जा रहे है |

वर्तमान में होम गार्ड की स्थिति पहले से बहुत ठीक है, परन्तु कुछ समय पहले इतनी ठीक नहीं थी, जिसकी वजह से उनको बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था |

आज एक होम गार्ड अपनी ईमानदारी से हमारी पुलिस के साथ कदम से कदम बढ़ा कर चलता  है और  देश की सेवा करता है, तो सबसे पहले हम उनको नमन करते है |

होम गार्ड  -:

      होम गार्ड  स्वयंसेवी बल हैं , इसकी स्थापना  आतंरिक अशांति और सांप्रदायिक दंगों को नियत्रित करने में पुलिस की मदद करने के उदेश्य दिसंबर 1946 में की गई थी |

इसके बाद स्वयंसेवी नागरिक के बल की संकल्पना को अनेक राज्यों ने अपनाया | 1962 में चीनी हमले को ध्यान में रखकर केद्र ने राज्यों और केद्र शासित प्रदेशो को सलाह दी

की वे अपने वर्तमान स्वयंसेवी संगठनो का एक सामान स्वयसेवी बल, होमगार्ड के रूप में विलय कर ले | होमगार्ड की भूमिका बनाये रखने में पुलिस के सहायक के रूप में कार्य

करना, किसी भी प्रकार की आपात सतही, जैसे हवा हमले, अग्नि  तूफान ,भूकंप आदि महामारी में आदि में समुदाय की मदद करना, आवश्यक सेवाए बनाये रखने में मदद करना,

सांप्रदायिक सौहार्द को बढावा दें और कम्जो वर्गों की रक्षा करने में प्रसाशन की सहायता करना,सामाजिक – आर्थिक और कल्याणकारी गतिविधियों में भागीदारी और नागरिक

सुरक्षा कर्तव्यो का निर्वाह करना हैं |

होमगार्ड  के प्रकार -:

जी, हाँ होमगार्ड दो प्रकार के होते है |ग्रामीण और सहरी | सीमावर्ती राज्यों में, सीमा खंड को होमगार्ड बटालियन भी बनायीं गई हैं | जो सीमा सुरक्षाके सहायक

ले रूप में कार्य करती हैं |इसका संगठन केरल को छोड़ कर सभी केंद्र शासित के फैला हुआ है 

सात सीमावर्ती राज्यों में ,सीमा खंड की होमगार्डों (बीडब्ल्युयेचजी)की कुल

18 बटालियन स्थापित की गई ,  जो  की ये है –

पंजाब (छह बटालियने) (चार बटालियनें |),

गुजरात (चार बतालियनें )और असम,मेघालय ,त्रिपुरा और पश्चिमी बंगाल में अंतर रास्ट्रीय सीमा /तटवर्ती क्षेत्र में घुसपैठ को रोक,

वीविआईपी और संचार लाइनों में सुरक्षाबल के सहायक के रूप में कार्य कर सकें |

होमगार्ड की स्थापना होमगार्ड अधिनियम और राराज्यों /केन्द्रं शासित प्रदेशों के नियमों के अंतर्गत की गई थी |

इनकी नियुक्ति  समाज के विभिन्न वर्गों  जैसे –डाक्टरों ,इंजीनियरों, वकीलों, निजी क्षेत्र के संगठनो कालेज और विश्वविद्यालयके छात्रों ,कृषि और औधोगिक

कामगारों आदि से की जाती हैं, जो समुदाय की बेहतर तरीके से सुरछा दे  सकें |

भारत के सभी नागरिको जिनकी उम्र 18-40 वर्ष हैं ,वे होमगार्ड के जवानों को वीरता ,उत्कृष्टऔर सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति से  भी  पदक प्रदान किया जाता हैं |

जब भी किसी होमगार्ड को ड्यूटी/प्रशिक्षण के लिए बुलाया  जाता हैं , उसे खर्चे  के लिए निर्धारित दरों पर ड्यूटी /प्रशिक्षण भत्ता दिया जाता हैं |

संगठन में होमगार्ड के सदस्यों को और व्यवस्था बनाये  रखने में पुलिस की सहायता  करने, अपराध रोकने ,डकैती के विरुध्दउपाय करने ,सीमा पर गश्त,निषेधाज्ञा,बढ़ा रहत ,अग्निसमन ,चुनाव ड्यूटी और सामाजिक कल्याण की कुछ हिस्से का कार्य भी होमगार्ड को सौंप दिया जाता हैं |

ग्रहमंत्रालय होमगार्ड संगठन की भूमिका,उसके लक्ष्य ,बदने,प्रशिक्षण ,सज्जित करने ,स्थापना ,और अन्य मामलों में मदद करता हैं |

होमगार्ड पर होने वाले खर्च को वर्तमान वित्तीय निति के अनुसार आमतौर पर केद्र और राज्य सरकारों ले बीच बांट लिया जाता हैं |

कम से कम वेतन – 25,000 – 30,0000  रूपए  प्रतिमाह  मिलते है|  हमारे एक होम गार्ड्स   जिसमे वो धूप , बरसात , ठंड  में ईमानदारी से ड्यूटी करता है |

जय हिन्द जय भारत !

आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद यहाँ तक आपने हमारे  ब्लॉग को पढ़ा अगर आपको हमारे  द्वारा दी गयी  जानकारी अच्छी  लगी हो तो कमेंट बॉक्स मे जरुर बताये तथा अपने मित्रों को शेयर जरुर करे |

धन्यवाद्