भारत के राष्ट्रीय प्रतीक National Symbols of India

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग में आज हम आपको बहुत ही अहम् जानकारी प्रदान करेंगे जो की आपके लिये काफी लाभदायक होगी | तो आज का विषय है  “भारत के राष्ट्रीय प्रतीक”  ” National Symbols of India”

जैसा की आप लोंगो को ऊपर दिये गए विषय से यह ज्ञात हो गया होगा की आज हम लोग भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के बारे में जानेंगे –

तो भारत के राष्ट्रीय प्रतीक में निम्न प्रतीक आते है |-

  1. राष्ट्रीय ध्वज   National flag 
    1. राष्ट्रीय ध्वज   National flag  -:

    भारत का  राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है, जिसमे सामानांतर  तीन रंगो की पट्टियां है | सबसे ऊपर गहरी केसरिया पट्टी है , मध्य में सफ़ेद और सबसे नीचे गहरे हरे रंग की पट्टी है | ध्वज की लम्बाई चौड़ाई का अनुपात 3:2 है | सफ़ेद पट्टी के केंद्र में गहराई नीले रंग का एक चक्र है, जिसका प्रारूप सम्राट अशोक के सारनाथ स्थित सिंह स्तम्ब पर बने चक्र की तर्ज पर बनाया गया है |

    अशोक चक्र अधिमानता: स्क्रीन प्रिंटेड या फिर उपयुक्त रूप से कढ़ाई किया हुआ होना चाहिये तथा तिरंगे के बीच सफ़ेद पैनल पर दोनों तरफ से दिखना चाहिये | राष्ट्रीय ध्वज का आकर आयताकार होना चाहिये | इसका व्यास सफ़ेद पट्टी की चौड़ाई के समान है  और इसमे 24 तीलियाँ है | भारत को सविंधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रारूप को 22 जुलाई, 1947 को अपनाया |

    भारतीय ध्वज सहिंता – Indian Flag Code 

    भारतीय ध्वज सहिंता, 2002 जो 26 जनवरी, 2002 से प्रभावी हुई, में विधि, परम्परा, प्रविधियों और अनुदेशों सभी को एक साथ रखा गया है | भारत की ध्वज सहिंता, 2002 के  अनुसार आम नागरिको, प्राइवेट संगठनो, एजुकेशन  संस्थानों आदि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन पर कोई पाबन्दी नहीं है, परन्तु इस बारे में राजचिन्हो  और नामो के ( दुरप्रयोग की रोकथाम ) अधिनियम, 1950 और राष्ट्रीय गौरव  अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों  और  इस विषय में अधिनियमित किसी अन्य कानून को व्यवस्थाओ का अनुपालन अनिवार्य है |

        राजचिन्ह – Coat of arms 

   राजचिन्ह – Coat of arms  -:

भारत का राजचिन्ह सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तम्ब की अनुकृति  है | मूल स्तम्ब  में शीर्ष पर चार सिंह है, जो एक दूसरे  की और पीठ किये हुए है | इसके  नीचे  घंटे के आकर के पदम के ऊपर एक चित्र वल्लरी में  एक हाथी, चौकड़ी भरता हुआ एक घोडा, एक सांड तथा एक सिंह की उभरी हुई मूर्तियां है, जिनके बीच- बीच में  चक्र बने हुए है | चिकने बलुआ पत्थर के एकल ब्लॉक को काट कर बनाए गये इस स्तम्ब पर धर्मचक्र  सुशोभित है |

भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी, 1950 को अपनाये गए राजचिन्ह  में केवल तीन सिंह दिखाई  पड़ते है | पट्टी के मध्य में  उभरी हुई नक़्क़ाशी में चक्र है, जिसके दायी और एक सांड और बांयी  और एक घोडा है | दाये और बांये छोरो पर अन्य चक्रो के किनारे हैं |

घंटाकार  पदम् छोड़ दिया गया  है | फलक के नीचे  मुंडकोपनिषद  का सूत्र ‘सत्यमेव जयते’ देवनागरी लिपि में  अंकित है जिसका अर्थ है-

‘सत्य की ही विजय होती है |

राष्ट्रगान National Anthem

राष्ट्रगान National Anthem -:

रविंद्रनाथ ठाकुर द्वारा मूल रूप से बंगला में रचित और संगीतबद्दा जान गैन मन  के हिंदी संस्करण को सविंधान सभा नए भारत के रंस्त्रगान के रूप में 24 जनवरी 1950 को अपनाया था यह सर्वप्रथा 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता  अधिवेसन में गया गया गया थे पूरे गीत  में पांच पद है | प्रथम  पद, राष्ट्रगान का  पूरा पाठ है जो इस प्रकार है –

जन- गण- मन अधिनायक  जय हे

              भारत भाग्य  विधाता |

पंजाब – सिंधु – गुजरात – मराठा

                 द्राविड़ – उत्कल – बंग |

विंध्य हिमाचल युमना गंगा

                   उच्छल जलधि तरंग  |

तब शुभ  नामे जागे, तव  शुभ आशीष मांगे

                    गाहे तव  जय – गाथा |

जन- गण – मंगलदायक जय हे भारत भाग्य विधाता |

                  जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे |

राष्ट्रगान के गायन  की अवधि  लगभग 52 सेकंड है |  कुछ अवसरो  पर राष्ट्रगान को संछिप्त रूप में गया  जाता है , जिसमे इसकी प्रथम और अंतिम पंक्तिया ( गाने का  समय लगभग 20 सेकंड ) होती हे |

राष्ट्रगान का  टैगोर द्वार किया अंग्रेजी अनुवाद इस प्रकार है :-

Thou art the ruler of the minds of all people,

Dispenser of India’s destiny

Thy name rouses the hearts of Punjab, Sind,

Gujarat and Maratha,

Of the Dravida and Orissa and Bengal;

It echoes in the hills of the Vindhyas and Himalayas,

mingles in the music of  Jamuna and Ganges and is

chanted by the waves of the Indian Sea.

They pray for thy blessings and sing thy praise.

The saving of all people waits in thy hand,

Thou dispenser of India’s destiny.

Victory, victory, victory to thee.

राष्ट्रीय गीत National Anthem 

राष्ट्रीय गीत National Anthem -:

बंकिम चंद्र चटर्जी नए संस्कृत में ‘वंदे मातरम’  गीत की रचना की, जिसे  जन- गण- मन के सामान दर्जा प्राप्त है | यह गीत स्वतंत्रता संग्राम में जन – जन का प्रेणा स्त्रोत्र  था | यह गीत पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन  में गाया गया था |  इसका प्रथम  पद इस प्रकार है :-

वंदे मातरम !

सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम,

शस्यश्यामलाम, मातरम !

शुभ्रज्योतसना  पुलकितयामिनीम 

फुललकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम

सुहासिनीम  सुमधुर भाषिणीम,

सुखदाम  वरदाम मातरम !

पद का श्री अरबिंदो  द्वारा गद्द में अंग्रेजी अनुवाद : –

 

                                   I bow to thee, Mother,

                                 richly-watered, richly-fruited,

                            cool with the winds of the south,

                          dark with the crops of the harvests,

                                             The Mother!

              Her nights rejoicing in the glory of the moonlight,

    her lands clothed beatuifully with her trees in flowering bloom,

                           sweet of laughter, sweet of speech,

                     the Mother, giver of boons, giver of bliss.

 

राष्ट्रीय पंचांग ( कैलेंडर ) National Almanac (Calendar)

राष्ट्रीय पंचांग ( कैलेंडर ) National Almanac (Calendar)-

ग्रिगेरियन कैलेंडर के साथ – साथ देश भर के लिये शक सवंत पर आधारित एकरूप राष्ट्रीय पंचांग, जिसका पहला महीना  चैत्र है  और सामान्य वर्ष   365 दिन का  होता है ;   22 मार्च 1957 को इसे सरकारी उद्देश्यो के लिये अपनाया गया :

1- भारत के राजपत्र

2- आकाशवाणी के समाचार प्रसारण

3- भारत सरकार द्वारा जारी किया गए  कैलेंडर

4- भारत सरकार द्वारा नागरिको को सम्बोधित – पत्र |

राष्ट्रीय  पंचांग और ग्रिगेरियन कैलेंडर की तारीखों  में स्थाई सादृश्य है |

चैत्र का  पहला दिन सामान्यत: 22 मार्च को और अधिवर्ष में 21 मार्च को पड़ता है |

वेबसाइट : www.mha.gov.in

भारत के राज्य और उनकी राजधानिया – Indian State and Capital -:

भारत देश मे 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश है -:

राज्य का नाम

आंध्रप्रदेश

अरुणाचल प्रदेश

असम

बिहार

छत्तीसगढ़ 

गोवा

गुजरात

हरियाणा

हिमाचल प्रदेश

झारखण्ड

कर्नाटक

केरल

मध्यप्रदेश

महाराष्ट्र

मणिपुर

मेघालय

मिजोरम

नागालैंड

ओड़िशा

पंजाब

राजस्थान

सिक्क़िम

तमिलनाडु

तेलंगाना

त्रिपुरा

उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड

पश्चिम बंगाल

राजधानी

अमरावती

ईटानगर

दिसपुर

पटना

रायपुर

पणजी

गांधीनगर

चंडीगढ़

शिमला

रांची

बेंगलुरु

तिरवंतपुरम

भोपाल

मुंबई

इम्फाल

शिलांग

आइजोल

कोहिमा

भूवनेश्वर

चंडीगढ़

जयपुर

गंगटोक

चेन्नई

हैदराबाद

अगरतला

लखनऊ

देहरादून

कोलकाता

भारत के केंद्र शासित प्रदेश और उनकी राजधानी –

          केंद्र शासित प्रदेश का नाम    –

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

चंडीगढ़

दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव

दिल्ली ( राष्ट्रीय राजधानी )

जम्मू और कश्मीर

लद्दाख

लछयद्वीप 

पुड्डुचेरी

    राजधानी

 

पोर्ट ब्लेयर

चंडीगढ़

दमन

नयी दिल्ली

श्रीनगर ( गर्मी ), जम्मू ( सर्दी  )

लेह

कवरत्ती

पुड्डुचेरी

 

तो दोस्तों आप लोगो को ऊपर दी गयी जानकारी कैसी लगी आप जरूर कमेंट बॉक्स मे बताये –

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