बीसी सखी योजना: महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का बेहतरीन अवसर
बीसी सखी योजना (BC सखी योजना ) उत्तर प्रदेश सरकार की एक बेहतरीन पहल है जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रो की महिलाओं को आत्मनिर्भरता बनना और उन्हें बैंकिंग सेवाओं के जरिए रोजगार देना है? इस योजना के तहत चुनी गई महिलाए गांव- गांव जाकर लोगों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करती है और बदले में अच्छी कमाई भी करती है। ? चलिए इस लेख में विस्तार से जानते है की बी सी सखी योजना क्या है इसके लाभ आवेदन पात्रता प्रक्रिया और अन्य महत्वपर्ण जानकारी।
बीसी सखी योजना क्या है?
बीसी सखी ला पूरा नाम बिजनेस लरिस्पांडेंट सखे (business correspondent sakhi) है।? यह योजना उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UORLM) के तहत चल रहे है।?
इस योजना की शुरुआत 22 मई 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी।? इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर महिलाओं लो बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और गाओं में डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पहुंचना है।?
बीसी सखे योजना में बीसी का मतलब है बैंकिंग करसपोंडेंट और सखी का अर्थ है शैली या महिला सहयोगी।?
इन महिलाओं को सर्कार की और से माइक्रो एटीएम और डिजिटल डिवाइस दिए जाते है जिनके जरिए वे गांव वालों को घर- घर जाकर बैंकिंग सेवाए प्रदान करती है।?
बीसी सखी योजना के मुख्य उद्देश्य
ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना?
गावों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाना?
महिलाओं को आत्मनिर्भर और शसक्त बनाना?
ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाना?
कोरोना महामारी के दौरान लोगों को बैंकिंग सेवाए घर तक पहुंचना?
बीसी सखे योजना का लाभ
नियमित आय का स्त्रोत
बीसी सखी योजना के तहत चुने गई महिलाओं को शुरुआत के 6 महीनों तक रेट 4000 प्रति माह का मानदेय ( स्टाइपेंड) दिया जाता है? इसके आलावा उन्हें रेट 1200 प्रति माह समूह सखी के रूप में काम करने के लिए अतिरिक्त स्टाइपेंड भी मिलता है ?
डिजिटल डिवाइस खरीदने के लिए आर्थिक सहायता
सरकार की और से बीसी सखी को डिजिटल डिवाइस खरीदने के लिए 50000 की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है इससे उन्हें माइक्रो एटीएम और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने में मदद मिलती है।
बैंकिंग ट्रांजेक्शन पर कमीशन
बीसी सखी योजना में सबसे बड़ा लाभ यह है की महिलाऐं बैंकिंग ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त कमीशन कमा सकती हिअ यह औसतन एक बीसी सखी की मासिक आय 10 से 15 हजार रुपए तक होती है। जबकि कई अनुभवी और सक्रिय महिलाए अपने काम के आधार पर 40 से 50 हजार रुपये तक भी कमा रही है। कुछ सफल महिलाएं तो लाखों रुपये तक कमा रही है।
सेवा शुल्क से अतिरिक्त कमाई बीसीए सखी विभिन्न बैंकिंग सेवाओं पर शुल्क ले सकती हिअ, जैसे:
खाता खोलने पर शुल्क
बीमा आवेदन पर कमीशन
अन्य वित्तीय सेवाओं पर कमीशन
ओवरड्राफ्ट सुविधा
बीसीए सखी 25,000 तक का आवरड्राफ्ट भी क्र सकती है जिससे उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सुविधा मिलती है।
सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना
बीसी सखी के जरिए ही ग्रामीण को मनरेगा मजदूरी आवास अनुदान शौचालय निर्माण अनुदान जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते में पहुंचाया जाता है।
बीसी सखी योजना के लिए पात्रता मानदंड
बीसी सखी योजना में आवेदन करने के लिए निम्नलिखित पत्रता मानदंड पुरे करने होते है:
शैक्षणिक योग्यता
आवेदन महिला का कम से कम 10 वी पास होना जरूरी है।
कंप्यूटर ज्ञान
आवेदन को कंप्यूटर साक्षर (computr literate) होना जरूरी है .
आयु सीमा
आवेदन महिला की आयु 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
निवास स्थान
आवेदन का उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में निवास होना जरूरी है।
any आवश्यकताए
आवेदन को सोयम सहायता समूह (SHG) की सदस्य होना चाहिए।
आवेदन का आधार कार्ड और बैंक खता होना अनिवार्य है।
आवेदन का मोबाइल नम्बर होना जरूरी है।
avedn को ई- श्रम पोर्टर पर पंजीकृत होना आवश्यक है।
बीसी सखे के कार्य और जिम्मेदारियां
बीसी सखी की मुख्य जिम्मेदारियां निम्नलिखित है:
बैंकिंग सेवाए प्रदान करना, गांव वालों को पैसे जमा और निकासी की सुविधा देना, आधार कार्ड के जरिए भुगतान (AePS) करना, खता खोलने में मदद करना, पैसे ट्रांसफर करना।
सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना,मनरेगा मजदुर का भुगतान करना, आवास अनुदान वित्तीय करना, अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, ।
वित्तीय साक्षरता बढ़ाना , गांव वालों को बैंकिंग सेवाओं के बारे में जागरूक करना डिजिटल पेमेंट के फायदे बताना, बचत और निवेश के बारे में जागरूक करना,।
बीमा और अन्य वित्तीय उत्पाद बेचना, बीमा पॉलिसी बेचने पर कमीशन कमाना , पेंशन योजनाओं की जानकारी देना बीसी सखी योजना के तहत प्रशिक्षण , चयनित अभ्यर्थियों को पहले प्रशिक्षण दिया जाता है जिसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट के किये आईआईबीएफ (IIBF) द्वारा एक ऑनलाइन परीक्षा कराए जाती है।
इस प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों पर जानकारी दी जाती है।
बैंकिंग सेवाओं की बुनियादी जानकारी।maikro एटीएम और डिजिटल दिवस का उपयोग
वित्तीय साक्षरता और ग्राहक सेवा। सरकारी योजनाओं की जानकारी।
लेखांकन और रिकार्ड रखरखाव।
प्रशिक्षण के बाद ही महिलाओं की जानकारी ।
प्रशिक्षण के बाद k\hee महिलाओं को आधिकारिक टूर पपर बीसी सखी के रूप में नियुक्त किया जाता है।
एक ग्राम पंचायत एक बीसी सखी अभियान
केंद्र सर्कार से आजादी क अमृत महोत्सव के अवसर पर 24 सितम्बर से 30 सितम्बर 2021 तक एक ग्राम पंचायत एक बीसी सखी (one GP one BC skhi ) अभियान चलाया गया था।
इस अभियान के तहत 50,000 महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में बीसी सखी के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया गया।
इसका लक्ष्य था की 2023-24 के अंत तक ग्रामीण क्षेत्रों में कम एक बीसी सखी की तैनाती की जाए।
उत्तर प्रदेश ने इस क्षेत्र में देश में नम्बर-1 स्थान हासिल किया है जहां 40,000 से अधिक महिलाए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से गावों में बीसी सखी के रूप में सक्रिय है।
बीसी सखी योजना का सफल मॉडल
उत्तर प्रदेश सरकार की बीसी सखी योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान हो रही है। घर- घर बैंकिंग सेवाए पहुंचकर यूपी इस क्षेत्र में देश में nomber-1 बन गया है।
इस योजना से जोड़कर महिलाए न केवल आत्मनिर्भर हो रही है बल्कि हर महीने 50,000 रुपये तक कमा रही है। कई महिलाए तो करोड़पति भी बन गई है।
बीसी सखी योजना के लिए रूचि दिखाई है।
बीसी सखी योजना के समाजिक प्रभाव
महिला सशक्तिकरण
बीसी सखी योजना ने ग्रामीण महिलाओ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। अब वे घर बैठे रहने के बजाय स्वयं कमाई क्र सकती है। और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकता है।
अब गांव वालों को बैंक जाने के लिए शहर या लम्बी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है।
डिजिटल इंडिया का spna साकार
बीसी सखी योजना ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है अब गांव वाले भी डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग का लाभ उठा सकते है।
रोजगार के नए अवसर
इस योजना के तहत 58,000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिलने का लक्ष्य था। अब तक 40,000 से अधिक महिलाऐं इस योजना से जुड़ चुकी है।
वित्तीय साक्षरता में वृद्धि
ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता के स्तर में उल्लेख सुधर हुआ है। लोग अब बैंकिंग सेवाओं बचत और निवेश के बारे में बेहतर जानकारी रखते है।
बीसी सखी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
पत्रता की जाँच
सबसे पहले आवेदन को यह सुनिश्चित करना होता है की वह सभी पात्रता मानदंड पुरे करती है या नहीं।
स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ना
आवेदन को किसी स्वयं सहायता समूह की सदस्य होना आवश्यक है। यदि वह पहले से SHG की सदस्य नहीं है, तो उसे स्थानीय उपजीविका मिशन कार्यालय से सम्पर्क करके SHG से जुड़ना होगा।
ई- श्रम पोर्टल पर पंजीकरण
आवेदन को ई – श्रम पोर्टल (e-shram portal) पर पंजीकृत होना आवश्यक है।
स्थानीय कार्यालय से सम्पर्क
आवेदन को अपने जिले के उपजीविका मिशन या ग्रामीण विकास vibhag के कार्यालय से सम्पर्क करना होगा।
आवश्यक दस्तावेज जमा करना
आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
आधार कार्ड?
10 वे की मार्कशीट?
बैंक खाता पासबुक?
मोबाइल नम्बर?
पासपोर्ट साइज फोटो?
शगसदस्य्ता प्रमाण पत्र?